मैंने 1 जनवरी 2024 को 16 फरवरी 2024 के लिए होटल बुक करवाने के लिए अनुरोध किया था लेकिन पार्क रॉयल होलीडेज ने उन दिनों में मुझे कोई बुकिंग नहीं दी। उन्होंने मुझे मेरी तारीखों पर कोई रिजॉर्ट बुक नहीं किया। उन्होंने दो-तीन दिन के लिए रिजॉर्ट देने के लिए मना कर दिया। उन्होंने कहा कि आप दिनांक चेंज कर दो तो हम तीन-चार दिन के लिए आपको रिजॉर्ट देंगे अब मैंने 9 मार्च 2024 के लिए बुकिंग चाहिए लेकिन पार्क रोयल होलीडेज अभी भी मना कर रहा है और कह रहा है कि आप मई 2024 के बाद बुक कराओ तो बुकिंग देंगे। मैंने बुकिंग के हर संभव प्रयास कर लिए लेकिन कंपनी किसी भी रूप में बुक नहीं कर रही है। मेरे कूपन में 1 साल में 10 नाइट बाकी है मैं इसे कैसे पूरा करूंगा कंपनी सरासर ग़लत कर रही है कंपनी। मैंने इंडिया कंप्लेंट पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई लेकिन कोई देखने वाला नहीं है, मैंने पार्क रॉयल होलीडेज के मेंबर एक्सपीरियंस पर भी ईमेल किए लेकिन कोई समाधान नहीं निकला इसका भी।
क्या इस कंपनी के कोई मालिक भी है, कोई डायरेक्टर भी है जो इस प्रकार की कंप्लेंट को देखते है। कंपनी के मालिक इतने कठोर कैसे हो सकते हैं किसी ग्राहक को सेवा न देकर उसे परेशान किया जा रहा है और कोई सुनवाई नहीं हो रही है। कंपनी का मकसद केवल पैसा कमाना है ग्राहक को संतुष्ट करना नहीं है। जब इंडिया कंप्लेंट पोर्टल पर भी शिकायत का समाधान नहीं हो रहा हो तो ऐसी स्थिति में क्या कानून इस ओर ध्यान देगा। ग्राहक के पसीने की कमाई को इस प्रकार लूटा जा रहा है और कंपनी के मालिक गहरी नींद में सो रहे हैं। कंपनी के मालिक कौन है, क्या नाम है, कहां रहते हैं कोई पता नहीं है। डायरेक्टरेट बोर्ड कौन है, कहां है, कोई पता नहीं है। जब से मेंबरशिप ली है तब से केवल परेशान किया जा रहा है और झूठ प्रचारित किया जा रहा है कि लगातार तीन-चार नाइट दी हैं लेकिन सच तो यह है कि केवल दो नाइट से ज्यादा कभी भी नहीं दी है। कंपनी कभी दिन कम करने के लिए कहती है तो कभी दिनांक चेंज करने के लिए कहती है सिर्फ खुद की दादागिरी चला रखी है ग्राहक की कुछ भी नहीं सुनती है।
भारत में किसी प्रकार के कंप्लेंट पोर्टल का क्या मतलब है जब किसी भी प्रकार की समस्या का या ग्राहक को नहीं सुना जाता है और हां ऐसा मेरे साथ ही नहीं, कई लोगों के साथ हुआ है। कोई कार्रवाई किसी पर नहीं हो रही है ये कैसा कानून है। अगर कंपनी को किसी प्रकार की सुविधा नहीं देनी है तो रिफंड क्यों नहीं करते हैं क्यों गरीब लोगों की बददुआएं लेते जा रहे हैं। एक गरीब आदमी को ₹50000 बचाने में 5 साल लग जाते हैं और ऐसी कंपनियां गड़बड़ करके उनके खून पसीने की कमाई को लूट लेती है। कंपनी के मैनेजर द्वारा मुझे कोई बात नहीं की जा रही है। ना ही किसी समस्या का समाधान हो पा रहा है। ग्राहक होने के नाते केवल परेशान हो रहा हूं। कोई भी इस कंप्लेंट को देखने वाला नहीं है क्या देश में।
प्रिय गिरीश भाई मेहता जी आप इस मामले को देखे, आप निर्देशक मंडल में हैं कोई आपकी भी जिम्मेदारी होगी क्योंकि आप एवं मालिक संपूर्ण रूप से जिम्मेदार है। आपकी जिम्मेदारी है कि आप ग्राहक को पूर्णतया संतुष्ट करें। ग्राहक का ₹1 भी हड़पना, उसकी पसीने की कमाई का, आपको किसी भी रुप में आपके परिवार को खुशी नहीं दे सकता है। किसी की बददुआएं, किसी का भी सत्यानाश कर सकती हैं। Was this information helpful? |
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