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" एस० बी ० आइ० कार्ड - जीवन को जटिल बनाये "
महोदय ,
मै आर० एस ० गुप्ता , एस० बी ० आइ० कार्ड का विगत कई वर्षो से ग्राहक हूँ . मेरा कार्ड नं - 4317 5750 2525 8873 है . मेरा पिछला क्रेडिट रिकॉर्ड बेदाग रहा है. परन्तु इस बार मै एस० बी ० आइ० कार्ड की धोखे धडी का शिकार हो गया हूँ . हम एक समाज सेवी , व राजनीतिक व्यक्ति है . हमारे पास समय का आभाव होते हुए भी हमने अपने व्यस्त समय से ,समय निकाल कर कई बार कस्टमर केयर नं ० पर आधा - आधा घंटा प्रतीक्षा कर आपके ग्राहक सेवा प्रतिनिधि से बात करने का प्रयास किया . कई बार के प्रयासों के बाद दो बार ग्राहक सेवा प्रतिनिधि से बात हुई , परन्तु मेरी बात सुनने के बाद बिना कोई उत्तर दिए मेरी काल को काट दिया जाता रहा है. समभवत ये भी एस० बी ० आइ० कार्ड के व्यापारिक हथकंडो का एक भाग है. इन हथकंडो से हम भली -भाति परिचित है , क्योकि मेरा पुत्र , जो कि एक स्वतंत्र - पत्रकार है और विभिन्न समाचार पत्रों के लिए स्तम्भ ( articles ) लिखता है , ने एक बार गहन शोध के पश्चात क्रेडिट कार्ड कम्पनियों के ग्राहकों के साथ उनके व्यवहार पर भी एक स्तम्भ ( article ) लिखा था .
हम अब आपको इस ई-मेल(e-mail ) के माध्यम से पुन: अपनी शिकायत से अवगत कराते है . एस० बी ० आइ० कार्ड द्वारा वर्ष 2009 में हमें royal sundram insurance का health insurance plan आफर किया गया जिसे हमने स्वीकार किया , इस प्लान की प्रीमियम को 12 मासिक किश्तों की इ.एम.आई. बना दी गई . जिसको हम नियम से अदा करते गए.पुनह 2010 में हमारे पास insurance renewal के लिए कॉल आई , जिसे हमने स्वीकार किया , मुझे एस० बी ० आइ० कार्ड की तरफ से बताया गया की , आपका प्लान renew हो गया तथा आपको पहले की तरह मासिक किश्तों में किश्त अदा करनी है. हम पहले की तरह किश्त अदा करने लगे .साल भर किश्त अदा करने के बाद हमको बताया जाता है की आपने जो किश्त अदा की है वो तो ब्याज खाते में गया है, मूल धन तो पूरा - पूरा बकाया है.इसके पीछे आपकी तरफ से मुझे बताया गया की जिस समय आपका प्लान renew(सन २०१०) किया गया था, उसको इ.एम.आई. मोड में convert नहीं किया गया था , जिस से मूल धन बकाया रह गया . अब बताइए कि इसमें ग्राहक का क्या दोष .
आगे निवेदन है कि मेरी पीड़ा को समझते हुए मेरी समस्या का निदान करे व मुझे एस० बी ० आइ० कार्ड के धोखे धडी का शिकार होने से बचाए. आशा करता हूँ कि S.B.I. Card - Make Life simple (not Complicated) के वायदे पर खरा उतारते हुए मेरे जीवन सरल बनाएगा न कि जटिल.
रघुराज सरन गुप्ता
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