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माननीय महोदय,
मेरा नाम अजीत बेनीवाल है। मैं 12वीं ककà¥à¤·à¤¾ का छातà¥à¤° हूं, मेरे पास इतिहास का विषय है। मैं आपका धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ इस ओर दिलाना चाहता हूं कि सीबीà¤à¤¸à¤ˆ के पाठà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® में कहीं à¤à¥€ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ हिंदू राजाओं का उलà¥à¤²à¥‡à¤– नहीं है। जिन महान सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ राजाओं ने विदेशी आकà¥à¤°à¤®à¤£à¤•रà¥à¤¤à¤¾à¤“à¤...⇄ से यà¥à¤¦à¥à¤§ लड़ा व à¤à¤¾à¤°à¤¤ की सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ के लिठअपना सरà¥à¤µà¤¸à¥à¤µ बलिदान किया। जिनकी कथाà¤à¤‚ सà¥à¤¨à¤•े à¤à¤¾à¤°à¤¤ का हर बचà¥à¤šà¤¾ गौरव व साहस से à¤à¤° उठता है, उनके बारे में हमारी इतिहास की पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•ों में à¤à¤• शबà¥à¤¦ à¤à¥€ नहीं है।
न जाने कितने ही राजा महाराजा हà¥à¤ जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने सचà¥à¤šà¥‡ मन से देश सेवा की परंतॠफिर à¤à¥€ आज सीबीà¤à¤¸à¤¸à¥€ की पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•ों में कहीं उनका नाम नहीं है। जैसे कि, जाट राजा सूरजमल जिसने दिलà¥à¤²à¥€ को जीता, पृथà¥à¤µà¥€à¤°à¤¾à¤œ चौहान, महाराजा रणजीत सिंह, रानी लकà¥à¤·à¥à¤®à¥€à¤¬à¤¾à¤ˆ जो अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥‹à¤‚ के समकà¥à¤· कà¤à¥€ नहीं à¤à¥à¤•ी, वीर शिवाजी, जाट महाराजा राजाराम जिसने मà¥à¤—लों को हराकर अकबर की कबà¥à¤° खोद डाली, महाराणा पà¥à¤°à¤¤à¤¾à¤ª जिसने आजीवन मà¥à¤—ल शासन का विरोध किया, व खोखर जाट जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने मोहमà¥à¤®à¤¦ गौरी को मारा था।
मेरा आपसे विनमà¥à¤° अनà¥à¤°à¥‹à¤§ है, कि सà¤à¥€ महान सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€à¤¯ शासकों के बारे में सीबीà¤à¤¸à¤ˆ की पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•ों में लिखा जाà¤, ताकि आज à¤à¤¾à¤°à¤¤ देश का हर विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¥€ देशà¤à¤•à¥à¤¤à¤¿ से ओतपà¥à¤°à¥‹à¤¤ इनकी कथाओं को पढ़कर कà¥à¤› शिकà¥à¤·à¤¾ व जà¥à¤žà¤¾à¤¨ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ कर सके। मेरी हà¥à¤°à¤¦à¤¯ से यह इचà¥à¤›à¤¾ व आशा है कि आप जलà¥à¤¦- से -जलà¥à¤¦ इस गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾ इसको लेकर आवशà¥à¤¯à¤• कदम उठाà¤à¤‚गे।